काव्य

साहस

बहुत साहस चाहिए होता है,

ख़ुदकुशी करने के लिए , बहुत साहस!

कितनी बार सोचा होगा,

कितनी बार खुद को रोका होगा !

क्यों नहीं कर पाए बात अपनों से,

क्यों इतने अकेले हो गए है हम ,

दौड भाग की जिंदगी में !

क्या इतना जरूरी है आसमान को चुनना,

साहस तो चाहिए होता है,

धरती पे खड़े रहने के लिए !

तुम में था बहुत साहस ऐसा करने के लिए,

पर कितना अच्छा होता,

ये साहस गर तुमने जुटाया होता जीने के लिए !

@Maya

7 thoughts on “साहस

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